काशी विद्यापीठ के छात्रों ने किया भारत बंद का समर्थन, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
बनारस। दलित समुदाय के भारत बंद के आह्वाहन पर सोमवार को महात्मा गांधी
काशी विद्यापीठ के छात्रों ने विश्वविध्यालय के सभी डिपार्टमेंट में पठन
पाठन के साथ सभी कार्यालयों में हो रहे कार्य को कुछ देर के लिए बंद करवाकर
इस बंद में अपना समर्थन पेश किया। इस बंद के पहले छात्रों ने शारीरिक
शिक्षा विभाग एवं खेल कूद परिषद् के कम्पाउंड में स्थित बाबा साहेब की
मोरती पर माल्यार्पण करके किया।
छात्र पूरे विश्वविद्यालय में जय भीम और आरक्षण से सम्बंधित नारे लगते हुए जुलूस की शक्ल में चल रहे थे। छात्रों ने इस दौरान एक दुसरे को काली पट्टी बांधकर अपने विरोध का इज़हार किया।
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो निर्देश एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दिए गए है। उस बदलाव के विरोध में सोमवार को दलित समुदाय ने भारत बंद का आह्वाहन किया था। इस आह्वाहन पर पूरे देश में जगह जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुआ है। इससे इतर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी डिपार्टमेंट के पठान पाठन और प्रशासनिक कार्य को कुछ देर के लिए बंद कराकर इस बंद में अपनी सहभागिता दी।
इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के छात्र संदीप ने बताया की सुप्रीम कोर्ट ने
जो बदलाव के निर्देश सरकार को एससीएसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दिए हैं वह
सही नहीं है। इस बदलाव के बाद अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की
तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने की बात कही गयी थी | जिस पर एनडीए के घटक
दलों और दलित संगठनों ने विरोध किया और इसी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के
खिलाफ आज दलित संगठन ने भारत बंद का एलान किया था। इसके समर्थन में आज हमने
विश्वविद्यालय का पठन पाठन और कार्यालयों का कार्य कुछ देर के लिए बंद
करवाया है।
छात्र पूरे विश्वविद्यालय में जय भीम और आरक्षण से सम्बंधित नारे लगते हुए जुलूस की शक्ल में चल रहे थे। छात्रों ने इस दौरान एक दुसरे को काली पट्टी बांधकर अपने विरोध का इज़हार किया।
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो निर्देश एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दिए गए है। उस बदलाव के विरोध में सोमवार को दलित समुदाय ने भारत बंद का आह्वाहन किया था। इस आह्वाहन पर पूरे देश में जगह जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुआ है। इससे इतर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी डिपार्टमेंट के पठान पाठन और प्रशासनिक कार्य को कुछ देर के लिए बंद कराकर इस बंद में अपनी सहभागिता दी।
इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के छात्र संदीप ने बताया की सुप्रीम कोर्ट ने
जो बदलाव के निर्देश सरकार को एससीएसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दिए हैं वह
सही नहीं है। इस बदलाव के बाद अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की
तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने की बात कही गयी थी | जिस पर एनडीए के घटक
दलों और दलित संगठनों ने विरोध किया और इसी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के
खिलाफ आज दलित संगठन ने भारत बंद का एलान किया था। इसके समर्थन में आज हमने
विश्वविद्यालय का पठन पाठन और कार्यालयों का कार्य कुछ देर के लिए बंद
करवाया है।
छात्रों ने मांग की कि एससीएसटी एक्ट जैसा पहले था वैसा ही आगे भी रहना चाहिए क्योंकि यह दलित और पिछड़े वर्ग के हित की बात है।





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