काला हिरण मामला: सलमान की सजा पर जश्न मनाने वाले विश्नोई समाज की पूरी कहानी
नई दिल्ली: काला हिरण
मामले में दोषी सुपरस्टार सलमान खान को दोषी मानते हुए जोधपुर की अदालत ने
पांच साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही उनपर 10000 रुपये का जुर्माना भी
लगाया है. सलमान खान के साथ अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम और सैफ
अली खान भी आरोपी थे. कोर्ट ने इन सभी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर
दिया.
सलमान खान को सजा मिलने से राजस्थान में
विश्नोई समाज के लोग बेहद खुश हैं. सलमान खान के काला हिरण मामले में
विश्नोई समाज भी पार्टी है. विश्नोई समाज ने सलमान की सजा का जश्न पटाखे
फोड़ कर मनाया.
बिश्नोई समाज प्रकृति के जर्रे जर्रे को
अपना भगवान मानता है. ये लोग राजस्थान की मरुभूमि वाले इलाके में बसते हैं.
पाकिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में इस समाज के लोग पाये जाते हैं. सफेद
कपड़े और सफेद पगड़ी इस समाज के लोगों की शान है.
बिश्नोई समाज के लोग जिन गांवों में रहते
हैं वहां साफ सफाई, वन्य जीव और हरे भरे पेड़ पौधे जरूर मिलेंगे. इस इलाके
में वन्य जीवों के संरक्षण का काम मानो इन्हीं की जिम्मेदारी है.
गुरु जम्भेश्वर महाराज के बताये 29 नियमों
का पालन करने वाले विश्नोई कहे जाते हैं. इस समाज के लोग शाकाहारी होते
हैं. कहा जाता है कि 1787 में पेड़ और जानवरों की रक्षा करते हुए समाज के
363 लोग मारे गये थे.
बिश्नोई समाज की महिलाएं हिरण को अपना दूध
भी पिलाती हैं. यानी हिरण को बिश्नोई महिलाएं बच्चे की तरह मानती हैं. यही
वजह है कि सलमान खान को इतनी कठोर सजा मिली है.
बिश्नोई समाज की आबादी राजस्थान में करीब
दो फीसदी हैं यानी राजस्थान में इनकी संख्या 13 लाख के आसपास है. जोधपुर,
बीकानेर, गंगानगर इलाके में सबसे ज्यादा आबादी है. हरियाणा, एमपी और यूपी
में भी इस समाज के लोग हैं.
राजस्थान में इस समाज को बीजेपी का वोटर
माना जाता है. अभी 27 तारीख को वसुंधरा राजे सूरतगढ़ के दौरे पर गईं थी तो
बिश्नोई समाज ने उनका शानदार स्वागत किया था. वसुंधरा ने ट्विटर पर
तस्वीरें भी पोस्ट की थी. जोधपुर सेंट्रल जेल में सलमान खान को बैरक नंबर
दो की सेल नंबर 2 में रखा गया है. सलमान खान को कैदी नंबर 106 दिया गया है.


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