उन्नाव रेप केस: बीजेपी MLA कुलदीप सिंह सेंगर का दावा, मैं रेप के समय कानपुर में था
नई दिल्ली:
उन्नाव कांड में गिरफ्तार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक कुलदीप सिंह
सेंगर ने दावा किया है कि पीड़िता के आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि युवती
ने केस में जिस तारीख और समय का जिक्र किया है उस समय में मैं एक बर्थडे
पार्टी में शिरकत करने के लिए कानपुर में था. सीबीआई अब आरोपी विधायक
कुलदीप सिंह सेंगर के दावों की जांच कर रही है.
इस बीच सीबीआई ने उन्नाव बलात्कार कांड
में दूसरी गिरफ्तारी की. जांच एजेंसी ने शशि सिंह नाम की एक महिला को
गिरफ्तार किया जिस पर घटना के दिन पीड़िता को भाजपा विधायक कुलदीप सिंह
सेंगर के पास ले जाने का आरोप है.
पीड़िता की मां ने उत्तर प्रदेश पुलिस को
दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि महिला लालच देकर उसकी बेटी को विधायक के
आवास पर ले गई जहां भाजपा नेता ने उससे कथित बलात्कार किया. शिकायत में
आरोप लगाया गया है कि जब विधायक उसकी बेटी से बलात्कार कर रहा था उस वक्त
शशि सिंह गार्ड बनकर कमरे के बाहर खड़ी थी.
पीड़िता की मां की शिकायत सीबीआई की
प्राथमिकी का हिस्सा है. सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि लखनऊ की एक
विशेष अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी सेंगर को सात दिन की सीबीआई हिरासत
में भेज दिया है.
विधायक का क्या है दावा?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक
विधायक ने पूछताछ के दौरान सीबीआई को बताया, ''मैं 4 जून 2017 को रात के
करीब 8 बजे मैं कानपुर में था. जहां मैं एक दोस्त के यहां बर्थडे पार्टी
में शरीक था. युवती का दावा गलत है. बर्थडे पार्टी का वीडियो फुटेज, कॉल
डिटेल और सिक्योरिटी डिटेल से यह पता लगाया जा सकता है.'' पीड़ित युवती ने
दावा किया है कि उसके साथ विधायक ने 4 जून 2017 को रेप किया था.
जिसके बाद वह इसकी शिकायत लेकर जब पुलिस
के पास गई तो पुलिस ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया. पिछले दिनों विधायक
के खिलाफ केस दर्ज नहीं होने की शिकायत लेकर पीड़िता मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ के आवास पहुंची थी. जहां पीड़िता ने परिवार वालों के साथ खुदकुशी
की भी कोशिश की. जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता को हिरासत में ले
लिया.
पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता के साथ
विधायक समर्थकों ने बेरहमी से मारपीट की और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़
दिया. उसके बाद यह मामला तूल पकड़ा. उसके बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस ने
विधायक के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया. हालांकि लगातार विपक्षी दलों, आम
नागरिकों और मीडिया के दबाव के बाद योगी सरकार ने एसआईटी बनाने का फैसला
किया.
एसआईटी रिपोर्ट के बाद योगी आदित्यनाथ
सरकार ने विधायक के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिये और पूरे मामले की
जांच सीबीआई को सौंपी गई. इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद विधायक
को सीबीआई ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के पहले और बाद में
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से कई घंटों तक पूछताछ की गई. शनिवार को अदालत ने
विधायक को सात दिनों की रिमांड पर भेज दिया.
वहीं सीबीआई की टीम ने कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच पीड़िता को शनिवार सुबह लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची. यहां पीड़िता का मेडिकल कराया गया.

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