11 मुद्दों को लेकर PM मोदी के शहर में दिनभर उपवास पर बैठे रहे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा - TWC News Reporter

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11 मुद्दों को लेकर PM मोदी के शहर में दिनभर उपवास पर बैठे रहे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा

बनारस। कांग्रेस पर लगातार 23 दिन संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को पूरे देश में उपवास कार्यक्रम रखा। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की इस ह्त्या का विरोध बताया। वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला मुख्यालय पर उपवास किया।
इस उपवास के बाद जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा वह कि विधानसभा चुनाव की हार से हताश हो गयी है और लोकतंत्र के मंदिर संसद को नहीं चलने दे रही है।
उपवास समाप्‍त होने के बाद केंद्रीय स्‍वास्थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने भाजपा की ओर से उन 11 मुद्दों को पढ़कर सुनाया, जिसे लेकर आज पूरे देश में पार्टी ने उपवास कार्यक्रम रखा था। मंत्री जेपी नड्डा ने इस उपवास के दौरान और उपवास के बाद भी मिडिया से कोई बात नहीं की।

ये हैं वो 11 सूत्रीय मांग जिसे लेकर बीजेपी ने देशभर में किया उपवास
1 – कांग्रेस का रवैया सदन में अनौपचारिक बैठकों में और बाहर टीवी की चर्चाओं में अलग अलग रहा।

2 – कांग्रेस के इस रवैये से बजट सत्र के दुसरे हिस्से के दौरान कुल 22 कार्य दिवस कांग्रेस के हंगामे के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गये।
3 – राज्य सभा के 121 घंटे हंगामे के कारण बर्बाद हो गये और सदन की कुल उत्पादकता सिर्फ 8 प्रतिशत रही।
4 – पूरे बजट सत्र में कांग्रेस के व्यवधान के कारण कुल प्रस्तावित घंटों की तुलना में लोकसभा की उत्पादकता में सिर्फ 21 प्रतिशत थी और राज्यसभा में 27 प्रतिशत।
5 – तुलना में 2017 बजट सत्र में लोकसभा ने 108 प्रतिशत कार्यवाही हुई और राज्यसभा में 86 प्रतिशत हुई थी जो इस वर्ष संभव नहीं हुआ।
6 – इसके अलावा साल 2016 में बजट सत्र में लोकसभा में 121 प्रतिशत और राज्यसभा में 91 प्रतिशत कार्यवाही हुई थी।
7 – लोकसभा की एक दिन के लिए सदन की कार्यावाही के संचालन में लगभग 1.57 करोड़ रूपये खर्च होते हैं और राज्यसभा की एक घंटे की कार्यावाही के 1.1 करोड़ रूपये खर्च होते हैं।
8 – हम मानते हैं कि सदन चलने की प्रमुख ज़िम्मेदारी सत्तापक्ष की है और इस दिशा में हमारे प्रयासों के कारण पिछली लोकसभाओं की तुलना में 16वीं लोकसभा सबसे प्रेडिक्टिव  साबित हुई है। कांग्रेस तथा अन्य विपक्ष के व्यवधानों के वावजूद 16 वीं लोकसभा और सामानांतर राज्य सभा सदन में सबसे अच्छा परफार्मेंस रहा है।
9 – कांग्रेस ने संसद में Scorched Earth नीती का इस्तेमाल कर रही है। लोकसभा में तो NDA का बहुमत है लेकिन राज्य सभा में आंकडें विपक्ष के पक्ष में हैं। इस कारण राज्य सभा को संसदीय कार्यों में व्यवधान का फोकस बन गया है।
16 वीं लोकसभा के समय में राज्य सभा में केवल 6 बिल राज्य सभा में पेश हो पाए।

10 – राज्य सभा में पेश किये जाने वाले सभी विधेयक को सतैन्डिंग समिति, सेलेक्ट समिति के तांत्रिक मुद्दों में फंसाकर विधेयक को रोकने की कोशिश की गयी। इस कारण जहां 14 वीं लोकसभा के समय 100 विधेयक तथा 15 वीं लोकसभा के समय 78 विधेयक राज्य सभा में पेश हुए वहां इस राज्य सभा में केवल 6 विधेयक पेश हो पाए।
11 – कांग्रेस के हंगामे के कारण सरकार के 9 महत्वपूर्ण बिल pending रह गये।
आखिर में जेपी नड्डा ने कहा कि चूंकि हम अपनी अंतरात्मा के स्तर पर आहात हुए हैं, इसलिए हमने यह तय किया है कि इस पूरी अवधि के दौरान का वेतन भत्ता हम राजकोष को समर्पित कर देंगे।

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