BHU की चीफ प्रॉक्टर सहित चार लोगों के खिलाफ अदालत ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश
बनारस।
बीते 20 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी ही बन्दूक की गोली से
घायल हुए बीएचयू के सुरक्षाकर्मी संसार सिंह के प्रकरण में नया मोड़ आ गया
है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुधवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की
चीफ प्राक्टर रॉयना सिंह और बीएचयू के सुरक्षाकर्मी संसार सिंह सहित चार
लोगों पर तुलसीदास कालोनी, नारिया निवासी आशीष कुमार के प्रार्थना पत्र पर
लंका थाने को इस मामल में अभियोग पंजीकृत करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट की
प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने का आर्डर दिया है।
20 मार्च को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में गोली चलने से सुरक्षाकर्मी के घायल होने की खबर से पूरे जनपद में हड़कंप मच गया था। इस पर लंका पुलिस ने बयान दिया था कि सुरक्षाकर्मी के गिरने की वजह से उनकी कमर में रखी पिस्टल से फायर हो गया, जिससे वो घायल हो गए हैं। लेकिन अपने इस बयान में अब लंका पुलिस ही फंसती नज़र आ रही है, क्योंकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन और तुलसीदास कालोनी नारिया, बीएचयू में रहने वाले आशीष कुमार सिंह ने सीएजीएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में संसार सिंह द्वारा उस दिन उनके आवास पर घुसकर उन्हें मारने की कोशिश करने की बात कही है। इस प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के अंतर्गत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश लंका थाने को दिया है।
साल 1976 में नारिया निवासी आशीष कुमार सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सिविल कोर्ट ने बीएचयू के अधिकारियों को निषेधित किया है, कि उक्त भूमि जो की विश्वविद्यालय परिसर में है पर प्रार्थी के पिता के रहन सहन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समय समय पर नाजायज़ तरीके से उपरोक्त भूमी को खाली कराए जाने का प्रयास किया जाता रहा है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दिए गये पत्र में आशीष कुमार सिंह ने लिखा है कि 7 मार्च को विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह, बाबू लाल पटेल, संसार सिंह और दस की संख्या में अज्ञात सुरक्षाकर्मी में मेरे घर में घुस गए और मारपीट के साथ लूटपाट किया, इस सम्बन्ध में हमने एसएसपी को सूचना दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 20 मार्च को सुबह 10.45 बजे सुरक्षाकर्मियों ने बीएचयू के घर में घुसकर तोड़फोड़ कि और गन्दी-गन्दी गाली दी और मेरी लकड़ी की टाल में आग लगा दी।
आशीष कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरक्षाकर्मी संसार सिंह एक बार फिर कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ 12 बजकर 30 मिनट के करीब घर में आया और मुझे जान से मारने के लिए ढूँढने लगा और मुझे लक्ष्य करके गोली चलाई। जो चूकवश संसार सिंह को ही लग गयी। इस घटना पर मैंने लंका थाने को सूचित किया लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
वहीं इसी दिन संसार सिंह के गिरने से अज्ञानवश गोली चलने से घायल होने की बात लंका एसो संजीव मिश्रा ने मीडिया को बताई। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लंका थाने को इस संबंध में अभियोग पंजीकृत करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट नयायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
20 मार्च को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में गोली चलने से सुरक्षाकर्मी के घायल होने की खबर से पूरे जनपद में हड़कंप मच गया था। इस पर लंका पुलिस ने बयान दिया था कि सुरक्षाकर्मी के गिरने की वजह से उनकी कमर में रखी पिस्टल से फायर हो गया, जिससे वो घायल हो गए हैं। लेकिन अपने इस बयान में अब लंका पुलिस ही फंसती नज़र आ रही है, क्योंकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन और तुलसीदास कालोनी नारिया, बीएचयू में रहने वाले आशीष कुमार सिंह ने सीएजीएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में संसार सिंह द्वारा उस दिन उनके आवास पर घुसकर उन्हें मारने की कोशिश करने की बात कही है। इस प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के अंतर्गत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश लंका थाने को दिया है।
साल 1976 में नारिया निवासी आशीष कुमार सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सिविल कोर्ट ने बीएचयू के अधिकारियों को निषेधित किया है, कि उक्त भूमि जो की विश्वविद्यालय परिसर में है पर प्रार्थी के पिता के रहन सहन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समय समय पर नाजायज़ तरीके से उपरोक्त भूमी को खाली कराए जाने का प्रयास किया जाता रहा है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दिए गये पत्र में आशीष कुमार सिंह ने लिखा है कि 7 मार्च को विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह, बाबू लाल पटेल, संसार सिंह और दस की संख्या में अज्ञात सुरक्षाकर्मी में मेरे घर में घुस गए और मारपीट के साथ लूटपाट किया, इस सम्बन्ध में हमने एसएसपी को सूचना दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 20 मार्च को सुबह 10.45 बजे सुरक्षाकर्मियों ने बीएचयू के घर में घुसकर तोड़फोड़ कि और गन्दी-गन्दी गाली दी और मेरी लकड़ी की टाल में आग लगा दी।
आशीष कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरक्षाकर्मी संसार सिंह एक बार फिर कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ 12 बजकर 30 मिनट के करीब घर में आया और मुझे जान से मारने के लिए ढूँढने लगा और मुझे लक्ष्य करके गोली चलाई। जो चूकवश संसार सिंह को ही लग गयी। इस घटना पर मैंने लंका थाने को सूचित किया लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
वहीं इसी दिन संसार सिंह के गिरने से अज्ञानवश गोली चलने से घायल होने की बात लंका एसो संजीव मिश्रा ने मीडिया को बताई। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लंका थाने को इस संबंध में अभियोग पंजीकृत करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट नयायालय में पेश करने का आदेश दिया है।


No comments