बनारस। मां-बाप अपने बच्चों को डराने के लिए अक्सर पुलिस का भय दिखाते
हैं। छोटी-मोटी शरारत या गलतियां करने पर भी घुड़की देते हुए मम्मी-पापा
अक्सर कहते हैं कि ”चलो पुलिस से पकड़वाते हैं तुमको”। इससे बचपन से ही
बच्चों के कोमल मन में पुलिस को लेकर एक अजीब सी दहशत और निगेटिविटी आ
जाती है। वहीं अब वाराणसी पुलिस ने भी बच्चों से दोस्ती करने की ठान ली
है। एसएसपी की पहल पर अब जिले की पुलिस नन्हें-मुन्नों की दोस्त बनकर
उनके मन में अपने लिये छिपे भय और निगेटिविटी को मिटाने की अनोखी मुहिम
शुरू करने जा रही है। पहली बार पुलिस करेगी बच्चों से दोस्ती
जी हां, पहली बार वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एक अभिनव
प्रयोग करने जा रहे हैं। डिपार्टमेंट अब बच्चों के मन से पुलिस का भय
निकालने के लिए समर कैंप का आयोजन करने जा रहा है। 20 अप्रैल से शुरू होने
जा रहे इस समर कैम्प में बच्चों को पुलिसिंग और उसके बारे में बताया जाएगा। वाराणसी के एसएसपी आरके भारद्वाज क्लास 6 से 10 तक बचे ले सकते हैं हिस्सा
एसएसपी ने बताया की इस समर कैम्प में कक्षा 6 से लेकर 10 तक के बच्चे
हिस्सा ले सकते हैं। इनका रजिस्ट्रेशन 18 अप्रैल तक पुलिस लाइन में किया
जायेगा। यह समर कैम्प 10 दिन तक चलेगा, जिसमें हम बच्चों को टी-शर्ट और
टोपी भी देंगे। बच्चों को एक एक्सपर्ट टीम के साथ में ट्रेनिंग दी जाएगी और
उन्हें सेल्फ प्रोटेक्शन और राइट्स की जानकारी भी देंगे। बच्चों के कोमल मन से खत्म करेंगे पुलिस का भय
इस संबंध में एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने पुलिस लाइन सभागार में मीडिया
को जानकारी देते हुए बताया कि बचपन में मां अपने बच्चों को पुलिस का भय
दिखाती है, कहती हैं चुप हो जाओ वरना पुलिस आ जाएगी। वैसे तो पुलिस अच्छे
कार्य भी करती है, पर कुछ कमियों की वजह से मीडिया में उसकी छवि गलत जाती
है। इससे भी पुलिस और जनता खासकर बच्चों के बीच का भय बढ़ जाता है। एसएसपी
के अनुसार बच्चों के कोमल मन से इसी भय को ख़त्म करने के लिए हम एक समर
कैम्प का आयोजन कर रहे हैं। एसएसपी ने बताया
ये
बच्चे इस पूरे प्रोग्राम के बाद में आलमोस्ट एक पुलिस एम्बेसडर के रूप में
काम करेंगे और कही न कहीं पुलिस की छवि को सुधरने में मदद करेंगे।
समर कैम्प में होगी ये एक्टिविटी एसएसपी
रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि 20 अप्रैल से शुरू ही रहे इस समर कैंप में
60 से 80 बच्चों के चार ग्रुप तैयार किये जायेंगे। जिन्हें –
अल्फ़ा, बीटा, टैंगो और चार्ली नाम दिए जाएंगे।
समर कैंप के लिये एक्सपर्ट बुलाये गए हैं, जो उन्हें आत्मरक्षा, क्लाइम्बिंग, टग ऑफ़ वॉर, घुड़सवारी की ट्रेनिंग देंगे।
बच्चों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करना सिखाया जाएगा।
दंगे आदि गंभीर स्थितियों से कैसे बचें, ये बताया जाएगा।
आग लगने की स्थिति में फायर फ़ाइटर की भूमिका कैसे निभायी जाए इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
असली फायरिंग कैसी होती है, ये दिखाकर नक़ली बंदूकों से फायरिंग करवायी जाएगी।
जेल टूर के जरिये जेल के सभी बातों की जानकारी दी जाएगी, ताकि जेल को लेकर बच्चों के मन में जो भ्रांतियां हैं वो दूर हो सके।
साथ ही एक दिन बच्चों को सारनाथ म्यूजिम घुमाने ले जाया जाएगा।
विभिन्न प्रकार के फन गेम के जरिये बच्चों का मनोरंजन किया जायेगा।
इस दौरान बच्चों के रिफ्रेशसमेंट का भी इन्तेजाम रहेगा।
समर कैम्प के दौरान सभी को एक टीशर्ट दी जायेगी और समाप्ति के बाद एक सर्टिफिकेट भी दिया जायेगा।
समर कैंप की जिम्मेदारी एसपी ग्रामीण पर
एसएसपी के अनुसार इस समर कैम्प का नोडल अफ़सर एसपी ग्रामीण अमित कुमार को
बनाया गया है। रजिस्ट्रेशन फॉर्म पुलिस लाइन के आरआई दफ़्तर से प्राप्त किया
जा सकता है। इस समर कैंप के लिये एसएसपी ने सबसे पहला रजिस्ट्रेशन अपनी
बेटी निहारिका का करवाया। आईपीएस अमित कुमार, एसपी रूरल, वाराणसीएक थाने का होगा विजिट
एसएसपी ने बताया कि इस पूरे समर कैम्प में हम बच्चों को एक थाने की विजिट
कराया जाएगा। इस दौरान पुलिस अफसर बच्चों को थाने में होने कामों की
जानकारी देंगे। कैसे एफआईआर लिखी जाती है, कैसे पुलिसवाले ड्यूटी करते हैं
आदि की जानकारी बच्चों को दी जाएगी, ताकि बच्चों के कोमन मन से पुलिस को
लेकर नयी छवि का निर्माण हो सके। एक माड्यूल पर होगा कार्य
एसएसपी के अनुसार इस पूरे समर कैम्प में पुलिस विभाग एक माड्यूल पर काम
करेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में एक माड्यूल चिल्ड्रेन राईट को
लेकर भी है। इसमें बच्चों को अपने राईट के बारे में जागरूक किया जाएगा, साथ
ही सबसे बड़े मुद्दे बैड टच और गुड टच के बारे में एक एक्सपर्ट जिसे बाहर
से बुलाया जा रहा है, वो बच्चों को बतायेंगे। बच्चों को सेल्फ डिफेन्स की
टेक्निक भी सिखायी जाएगी। उनको 1090 सिस्टम के बारे में भी बताया जायेगा। घटना होने पर बच्चे किसे करें एप्रोच
इस समर कैम्प की विशेषता के बारे में बात करते हुए एसएसपी ने बताया कि कई
बार ऐसी चीजें होती हैं, जिसकी जानकारी बच्चों को नहीं होती और वो बड़ी
घटनाओ का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें किसे एप्रोच करना है, अभिवावक
को, शिक्षक को या पुलिस को इस बारे मे हम उन्हें बतायंगे, क्योंकि इस चीज़
की जानकारी हर हाल में हमारे बच्चों को जानना आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा का रखेंगे पूरा ख्याल
एसएसपी ने बताया हम हर उस चीज़ का ख्याल रख्नेगे जिससे बच्चों को असुरक्षा
का माहौल न लगे। उन्हें हम सुरक्षित रखंगे, इसके लिए हमने उन्हें चार चार
के ग्रुप में बाटेंगे। इसमें कांस्टेबल की ड्यूटी खासकर महिला कांस्टेबलों
की ड्यूटी लगायी जाएगी। इसके अलावा इनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए
डॉक्टर भी मौजूद रहेंगे। तो हर साल चलेगा समर कैम्प
एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि इस समर कैम्प को लेकर स्कूलों में
उत्साह है। कई सारे स्कूलों ने पहले से ही एडवांस बुकिंग करवाई है, किसी
स्कूल के दस तो किसी के पन्द्रह स्टूडेंट इस समर कैम्प में हिसा ले रहे
हैं। इस वर्ष समर कैंप का रिस्पॉन्स अच्छा रहा तो इसे आने वाले वर्षों
में भी जारी रखा जाएगा। काबिल-ए-तारीफ है ये पहल
दरअसल ये सारी क़वायद पुलिस अपनी छवि सुधार को ले कर कर रही है। आमजन के
मानस पटल पर अबतक पुलिस की छवि नकारात्मक ही रही है, विशेषकर बच्चों पर।
ऐसे में पुलिस का ये जतन काबिल-ए-तारिफ है। रजिस्ट्रेशन फीस पांच सौ (500)
रुपये रखी गयी है। ध्यान रहे
रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 18 अप्रैल।
क्लास 6 से 10 के बच्चे ले सकेंगे हिस्सा।
रजिस्ट्रेशन फॉर्म पुलिस लाइन के आरआई दफ़्तर में मिल रहा है।
रजिस्ट्रेशन फीस पांच सौ (500) रुपये रखी गयी है।
वाराणसी पुलिस ने शुरू की ये अनोखी पहल, देर न करें जल्द कराएं अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन
Reviewed by J.P. BABBU
on
April 14, 2018
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