सीओ अंकिता को मिली जिम्‍मेदारी
इधर वाराणसी जिले के प्रशासनिक मुखिया डीएम योगेश्‍वर राम मिश्र भी इस पूरे वाकये से सकते में आ गये। डिस्‍ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट योगेश्‍वर राम मिश्र ने मामले को तुरंत अपने स्‍तर पर संज्ञान लेते हुए इस पूरे प्रकरण पर तत्‍काल कार्रवाई के आदेश दे दिये। जिले के प्रशासनिक मुखिया ने तुरंत ही पूनम और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने वालों पर एक्‍शन लेने के लिये बनारस की तेज-तर्रार लेडी पुलिस अफसर अंकित को जिम्‍मेदारी सौंपी। अंकिता वर्तमान में सर्किल अफसर (सीओ) सदर की जिम्‍मेदारी संभाल रहीं हैं।
लेने गयी थी बुआ का आशीर्वाद, हुआ बवाल…
बता दें कि पूनम शनिवार दोपहर रोहनिया थानाक्षेत्र के मुंगवार गांव में अपनी बुआ से मिलने पहुंचीं। चूंकि बुआ शुक्रवार को उनसे मिलने एयरपोर्ट और गांव दादूपुर नहीं पहुंच सकी थीं इसलिए अगले ही दिन पूनम उनसे आशीर्वाद लेने अपनी कार में उनके गांव पहुंच गयीं। इस दौरान उनके साथ उनके चाचा और भाई समेत कुछ और रिश्‍तेदार भी मौजूद थे।
मोबाइल और बाइक को भी नहीं बख्‍शा
बताया गया कि वहां पूनम की बुआ और गांव के अन्‍य लोगों के साथ कुछ पुराना विवाद चल रहा है। इधर दूसरे पक्ष की ओर से ये आरोप लगाये जा रहे हैं कि पूनम अपने रिश्‍तेदारों की ओर से वहां मारपीट करने पहुंची थीं, हालांकि गोल्‍डेन गर्ल ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया है। पूनम के अनुसार उनके भाई और चाचा को ज्‍यादा चोटें आई हैं। उन सभी के मोबाइल तोड़ दिये गये, यहां तक कि कुछ रिश्‍तेदारों की बाइकों को भी क्षतिग्रस्‍त किया गया है।
पुलिस ने बचायी जान, मगर नहीं लगा डॉयल 100 को फोन
मीडिया से बातचीत के दौरान पूनम यादव इस पूरे घटनाक्रम से काफी घबरायी दिखीं। पूनम ने बताया कि पुलिस के उच्‍चाधिकारियों को उन्‍होंने पूरी घटना से अवगत करा दिया है। पूनम ने ये भी बताया कि फोन करने पर डॉयल 100 की कॉल नहीं लगी। हालांकि… उनके अनुसार रोहनिया पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत रिस्‍पॉन्‍ड किया, जिससे उनकी जान बच सकी। पूनम के अनुसार पुलिस ने उन्‍हें तत्‍काल हमलावरों से बचाकर निकाल लिया।
आज दिल्‍ली जा रही हैं पूनम
इधर पूनम यादव पर हमले की खबर बनारस सहित पूरे देश में जंगल की आग की तरह फैल गयी। अब सीओ अंकिता इस पूरे मामले की छानबीन करने में जुट गयी हैं। पूनम रविवार को नई दिल्‍ली रवाना हो रही हैं।