वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर पेश की मिसाल, ग्रीन कारीडोर बनाकर मरीज़ की बचायी जान
बनारस। मरीजों की जीवन रक्षा के लिए एक बार फिर वाराणसी ट्रैफिक पुलिस
डिपार्टमेंट ने ग्रीन कारीडोर बनाकर मिसाल पेश की है। ट्रैफिक पुलिस
डिपार्टमेंट ने समाजसेवी संस्था साधना फाउंडेशन और एम्बेसी ऑफ़ बहरीन के फोन
पर बाबतपुर एयरपोर्ट से बीएचयू ट्रामा सेंटर तक ग्रीन कारीडोर बनाकर मऊ
निवासी मोहम्मद हिसामुद्दीन को नयी जिंदगी दी है। इस कार्य के लिए ट्राफिक
पुलिस और साधना फाउंडेशन की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है।
साधना फाउंडेशन को दुबई से आया फोन
इस सम्बन्ध में साधना फाउंडेशन के फाउंडर मेंबर सौरभ मौर्या ने बताया की 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे हमें दुबई के एक समाजसेवी ने फोन करके मोहम्मद हिसामुद्दीन जो की मऊ जनपद के निवासी है के बारे में पूरी बात बताई।
मऊ पुलिस से संपर्क साधा ट्विटर से
हमने उनका पता लगाने के लिए कई सरकारी कार्यालयों में ट्वीट भी किया, पर पता नहीं लगा। फिर हमने मऊ पुलिस को ट्विटर पर ट्वीट करके कहा कि मोहम्मद हिसामुद्दीन जी के परिवार वालों का कोई भी संपर्क सूत्र नहीं मिल रहा है, तो उक्त पते पर जाकर पता कर उनका संपर्क सूत्र बताए जिससे कि उनके परिवार वालों को मोहम्मद हिसामुद्दीन जी के आने की पूरी बात बताई जा सके।
मऊ पुलिस ने ढूंढ निकाला परिवार
मऊ पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए उनके बेटे का नंबर हमें बताया और तब जाकर परिवार वालों से बातचीत शुरू हुई, क्योंकि मोहम्मद हिसामुद्दीन जी का परिवार बहुत गरीब है इसलिए हम सब लोगों की कोशिश यह भी थी कि इनको सरकारी सुविधा मिले।
प्रदेश सरकार से मिला ईमेल
सौरभ मौर्या ने बताया कि 9 अप्रैल 2018 को उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें साफ-साफ वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आदेशित किया गया की अस्पताल द्वारा दो पैरामेडिकल स्टाफ और वेंटिलेटर सहित एक एंबुलेंस एयरपोर्ट पर पहले से ही मौजूद रहेंगे। इसके बाद मोहम्मद हिसामुद्दीन को लैंड करने के तुरंत बाद एंबुलेंस की सुविधा से सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंच जाएंगे और निर्देशानुसार उनका उपचार सर सुंदरलाल अस्पताल में शुरू किया जा सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी
मंगलवार को 11:40 पर एयर इंडिया की फ्लाइट लैंड की उसके बाद तुरंत एंबुलेंस के साथ-साथ वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए ट्रैफिक इंस्पेक्टर कनौजिया द्वारा पायलट इन किया गया और ट्रैफिक पुलिस की मदद से एंबुलेंस को बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंचाया गया।
40 मिनट में बाबतपुर से बीएचयू
ग्रीन कारीडोर बनवाकर 1 घंटा 30 मिनट के सफ़र को 40 मिनट में पूरा करवाने वाली वाराणसी के एसपी ट्रैफिक सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि हमें बहरीन एम्बेसी से काल आई थी। इसके बाद हमने ग्रीन कारीडोर बनाने का फैसला किया और इसके सम्बन्ध में सभी चौराहों पर जो ग्रीन कारीडोर के रस्ते में आते हैं उसपर सिपाहियों की ड्यूटी लगाईं। हमने 42 किलोमीटर के सफ़र को ग्रीन कारीडोर बनवाकर 40 मिनट में पूरा करवा दिया।
अगर किसी को चाहिये ये सुविधा
एसपी ट्रैफिक ने टीम livevns के माध्यम से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति को ग्रीन कारीडोर की सुविधा की ज़रुरत पड़ती है तो वह कभी भी हमारे हेल्पलाइन नंबर पर या हमारे नंबर पर सूचित कर के इस योजना का लाभ उठा सकता है।
साधना फाउंडेशन को दुबई से आया फोन
इस सम्बन्ध में साधना फाउंडेशन के फाउंडर मेंबर सौरभ मौर्या ने बताया की 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे हमें दुबई के एक समाजसेवी ने फोन करके मोहम्मद हिसामुद्दीन जो की मऊ जनपद के निवासी है के बारे में पूरी बात बताई।
मऊ पुलिस से संपर्क साधा ट्विटर से
हमने उनका पता लगाने के लिए कई सरकारी कार्यालयों में ट्वीट भी किया, पर पता नहीं लगा। फिर हमने मऊ पुलिस को ट्विटर पर ट्वीट करके कहा कि मोहम्मद हिसामुद्दीन जी के परिवार वालों का कोई भी संपर्क सूत्र नहीं मिल रहा है, तो उक्त पते पर जाकर पता कर उनका संपर्क सूत्र बताए जिससे कि उनके परिवार वालों को मोहम्मद हिसामुद्दीन जी के आने की पूरी बात बताई जा सके।
मऊ पुलिस ने ढूंढ निकाला परिवार
मऊ पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए उनके बेटे का नंबर हमें बताया और तब जाकर परिवार वालों से बातचीत शुरू हुई, क्योंकि मोहम्मद हिसामुद्दीन जी का परिवार बहुत गरीब है इसलिए हम सब लोगों की कोशिश यह भी थी कि इनको सरकारी सुविधा मिले।
प्रदेश सरकार से मिला ईमेल
सौरभ मौर्या ने बताया कि 9 अप्रैल 2018 को उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें साफ-साफ वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आदेशित किया गया की अस्पताल द्वारा दो पैरामेडिकल स्टाफ और वेंटिलेटर सहित एक एंबुलेंस एयरपोर्ट पर पहले से ही मौजूद रहेंगे। इसके बाद मोहम्मद हिसामुद्दीन को लैंड करने के तुरंत बाद एंबुलेंस की सुविधा से सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंच जाएंगे और निर्देशानुसार उनका उपचार सर सुंदरलाल अस्पताल में शुरू किया जा सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी
मंगलवार को 11:40 पर एयर इंडिया की फ्लाइट लैंड की उसके बाद तुरंत एंबुलेंस के साथ-साथ वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए ट्रैफिक इंस्पेक्टर कनौजिया द्वारा पायलट इन किया गया और ट्रैफिक पुलिस की मदद से एंबुलेंस को बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंचाया गया।
40 मिनट में बाबतपुर से बीएचयू
ग्रीन कारीडोर बनवाकर 1 घंटा 30 मिनट के सफ़र को 40 मिनट में पूरा करवाने वाली वाराणसी के एसपी ट्रैफिक सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि हमें बहरीन एम्बेसी से काल आई थी। इसके बाद हमने ग्रीन कारीडोर बनाने का फैसला किया और इसके सम्बन्ध में सभी चौराहों पर जो ग्रीन कारीडोर के रस्ते में आते हैं उसपर सिपाहियों की ड्यूटी लगाईं। हमने 42 किलोमीटर के सफ़र को ग्रीन कारीडोर बनवाकर 40 मिनट में पूरा करवा दिया।
अगर किसी को चाहिये ये सुविधा
एसपी ट्रैफिक ने टीम livevns के माध्यम से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति को ग्रीन कारीडोर की सुविधा की ज़रुरत पड़ती है तो वह कभी भी हमारे हेल्पलाइन नंबर पर या हमारे नंबर पर सूचित कर के इस योजना का लाभ उठा सकता है।


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