सांसद मोदी ने पूछा- बताइए 4 साल पहले और आज के बनारस में अंतर दिखता है या नहीं?
बनारस। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीएचयू के एम्फीथियेटर से वाराणसी की जनता को ये याद दिलाने में कोई कोसर नहीं छोड़ा कि चार साल पहले के और आज के बनारस में अंतर स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने बनारस के विभिन्नि इलाकों में हुए विकास की चर्चा करते हुए ये बताया कि किन-किन इलाकों में कौन-कौन से विकास के कार्य हुए हैं।
बनारस की ऐतिहासिकता से खिलवाड़ नहीं हो रहा
प्रधानमंत्री ने अपने चार साल की उपलब्धियों के बारे में बताने से पहले ही ये स्पष्ट किया कि बनारस में चल रहे विकास कार्यों से इस प्राचीन शहर की ऐतिहासिकता से खिलवाड़ नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, ”हम काशी में जो भी बदलाव कर रहे हैं या करने जा रहे हैं, उसमें उसकी परंपराओं और पौरणिकता का पूरी तरह से संरक्षण किया जा रहा है। अनंतकाल से जो इस शहर की पहचान बनी हुई है उसे सुरक्षित करते हुए इस शहर में आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश किया जा रहा है।”
आज अंतर स्पष्ट दिखायी दे रहा है
पीएम ने चार बरस पहले और आज के बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा, ”चार-सवा चार वर्ष पहले जब काशीवासी बदलाव के इस संकल्प को लेकर निकले थे तब और आज में अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।” उन्होंने जनसभा में मौजूद पब्लिक से भी लगे हाथ सवाल किया कि क्या उन्हें अंतर नहीं दिखाई देता। क्या बदलाव नजर आ रहा है, क्या धरती पर परिवर्तन दिखाई दे रहा है।” बाबा के आशीर्वाद से हो रहा काम
पीएम ने पुरानी व्यवस्था पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, ”आप तो उस व्यवस्था के भी गवाह रहे हैं जब हमारी काशी को भोले के भरोसे अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। आज मुझे बहुत संतोष है कि बाबा के आशीर्वाद से हम वाराणसी को विकास की नयी दिशा देने में सफल हुए हैं, वरना वर्षों पूर्व के वो भी दिन थे जब काशी की ध्वस्त व्यवस्थाओं को देखकर यहाँ आने वाले हर व्यक्ति का मन उदास हो जाता था।”
चौतरफा अव्यवस्था को चौतरफा विकास में बदल रहे हम
प्रधानमंत्री ने बिजली के तारों का हवाला देते हुए कहा, ”बिजली के तारों के जाल में ये शहर अव्यवस्थाओं में उलझा हुआ था, इसलिए मैंने ठाना था कि काशी की चौतरफा अव्यवस्था को चौतरफा विकास में बदलना है। आज काशी में हर दिशा में परिवर्तन हो रहा है, मुझे याद है संसद बनने से पहले भी जब मैं यहाँ आता था, तो शहर भर में बिजली के तारों को देखकर सोचता था कि आखिर कब बनारस को इससे मुक्ति मिलेगी। आज देखिए शहर के एक बड़े से हिस्से में लटकते तार गायब हो गये हैं। बाकी जगहों पर भी इन तारों को ज़मीन के भीतर ले जाने की तैयारी है।”गांवों को लो वोल्टेज से मिलेगा छुटकारा
पीएम ने विकास योजनाओं के महत्व का बखान करते हुए कहा, ”आज बिजली से जुड़े जिन प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया गया है वे काशी को बजली के तारों से मुक्ति के लिये ही हैं। इन योजनाओं से सिर्फ बनारस ही नहीं आसपास के गाँवों को भी पर्याप्त बिजली मिलने वाली है। आज एक और विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास किया गया है, ये तैयार हो जाएगा तो बड़े क्षेत्र को कम वोल्टेज से छुटकारा मिल जाएगा।”
एलईडी की रोशनी से जगमग हो रही काशी
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि वाराणसी को पूर्वी भारत के गेटवे के तौर पर विकसित करने की भरसक कोशिशें हो रही हैं। सरकार की प्राथमिकता काशी को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से जोड़ने की है। ट्रांसपोर्ट, मेडिकल, शिक्षा सभी स्तर पर विकास के कार्य किये जा रहे हैं। आज काशी एलईडी की रौशनी से जगमगा रही है। शहर की सड़कों पर रात में भी मां गंगा का दूधिया प्रवाह सा दिखता है।एलईडी बल्ब से रौशनी के साथ साथ आप लोगों के बिजली बिल में कमी आयी है। सिर्फ इतना ही नहीं नगर निगम ने एलईडी बल्ब लगने के बाद करोड़ों रूपये की बचत की है।बसरों से हो रही थी रिंग रोड की चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा बनारस की सड़कों पर चर्चा करे हुए कहा, ”4 वर्ष पहले जो काशी में आया वो आज इसे देखता है तो उसे सड़कों का विस्तार दिखाई देता है। बरसों से रिंग रोड की चर्चा हो रही थी, पर इस काम को फाइलों में दबा दिया गया था, 2014 में इस फ़ाइल को फिर से निकला गया।”
गंगा पर बनेगा एक और पुल
पीएम ने रिंग रोड के मुद्दे पर प्रदेश की पिछली अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ”…लेकिन पहले की सरकार ने इसमें गति नहीं आने दी। उन्हें चिंता थी कि अगर ये काम हुआ तो मोदी की जय जयकार होने लगेगी। आप लोगों ने जैसे ही योगी जी की सरकार बनायी अब यह कार्य बहुत तेज़ी से हो रहे हैं। हरहुआ से गाज़ीपुर तक चार लेन सड़क का काम लगभग पूरा होने वाला है, हरहुआ से राजातालाब और चंदौली तब एक नए सर्किट का काम चल रहा है। इस रस्ते पर गंगा में एक पुल भी बनाया जाएगा, जिससे बनारस में आने वाले ट्रकों की संख्या कम हो जाएगी।”कई राज्यों का होगा विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि रिंग रोड के निर्माण के बाद काशी ही नहीं आस पास के ज़िलों को लाभ होने वाला है। साथ ही बिहार, नेपाल, झारखंड और मध्य प्रदेश जाने के लिये यहां से निकलने वाली सड़कों का बहुत महत्व होगा।
सड़कों पर हो रहा हजारों करोड़ का इन्वेस्टमेंट
यही कारण है कि काशी की सड़कों को विस्तार दिया जा रहा है। वाराणसी-हनुमना एनएच 7, वाराणसी-सुल्तानपुर पर हज़ारो करोड़ खर्च किये जा रहे हैं। बनारस के अंदर भी अनेकों सड़क योजनाएं चल रही हैं।”कभी मंडुआडीह क्रासिंग पर लगता था जाम
प्रधनमंत्री ने बनारस के भीतर हो रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा, ”महमूरगंज से मंडुआडीह तक आने में किस तरह जाम झेलना पड़ता था और बच्चों को दिक्कत होती थी, वर्षों के इंतज़ार के बाद मंडुआडीह के रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन हुआ। सामने घाट पुल से रामनगर आना-जाना आसान हुआ है। शहर का अंधरा पुल जितना पुराना था उतनी ही उसे चौडाकरने की मांग थी, इस काम को भी पूरा किया हमने।”
पूरी होने दें योजनाएं फिर मिल जाएगी समस्याओं से मुक्ति
पीएम ने कहा, ”भोजूबीर सिंधोरा मार्ग को चौड़ा किया गया, शिवपुर-फुलवरिया को चार लेन किया गया, राजातलाब से जखिनी तक चौड़ीकरण किया गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कार्य चल रहा है। पंचकोशी का विकास कार्य तेज़ गति से चल रहा है। बाबतपुर से कचहरी मार्ग पर साढ़े सात सौ करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। कुछ ही मिनटों का रास्ता तय करने में घंटों का समय लग जाता था, कई बार तो फ्लाइट और रेलगाड़ी भी छूट जाती थी। जब यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा तो इन समस्याओं से मुक्ति मिलना है।”बढ़े हैं हवाई यात्री
प्रधानमंत्री ने वाराणसी एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा, ”बनारस एयरपोर्ट आज विकास का गवाह बन चुका है। हवाई जहाज़ से आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, बाबतपुर पर पहले 8 लाख यात्री आते थे, अब ये संख्या 21 लाख हो गयी है।”
स्मार्ट बनारस में स्मार्ट परिवर्तन
स्मार्ट बनारस में स्मार्ट परिवर्तन हो रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को इंटीग्रेट किया जा रहा है। यहाँ बन रहा इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर पूरे शहर पर नियंत्रण करने वाला है। अब बनारस में तेज़ी से बन रही मल्टी मॉडल टर्मिनल बनने के बाद यह शहर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक के बड़े हब के रूप में उभरने वाला हैबनारस के रेलवे स्टेशन पर हो रहा नयी काशी का दर्शन
काशी आने-जाने वालों का समय बचे, गंगा में फेरी चालाने का कार्य हो रहा है, नेशनल वाटर वे नंबर 1 का कार्य जारी है, सीएनजी के क्षेत्र में तेज़ गति से कार्य हो रहा है। सभी स्टेशनों पर विकास के कार्य हो रहे हैं। अब वाराणसी के किसी भी स्टेशन पर चले जाएं चाहे वो कैंट हो, चाहे वाराणसी सिटी हो या मंडुआडीह स्टेशन, यहां आते ही नयी काशी की तस्वीर नज़र आने लगी है।
काशी के सौंदर्यीकरण में विकास हो रहा
प्रधानमंत्री के अनुसार वाराणसी को छपरा और इलाहाबाद से जोड़ने वाले ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ वाराणसी की देश के बाकी हिस्सों से रेल कनेक्टिविटी में बढोतरी में हुई है। देश के हर बड़े शहर के साथ वाराणसी का संपर्क मज़बूत हुआ है। आज काशी में न सिर्फ आना जाना आसान हो रहा है, बल्कि सौंदर्यीकरण में भी विकास हो रहा है।
घाट गंदगी से नहीं रोशनी से जगमग
हमारे घाट गंदगी से नहीं रौशनी से जगमग हैं, गंगा में क्रूज़ चल रहे हैं। पर्यटन से परिवर्तन का यह अभियान निरंतर जारी है। पिछले चार वर्षों में हमारी विरासतों और धरोहरों को विकसित किया जा रहा है। जिस टाउनहाल से गांधीजी ने स्वतंत्रता का अलख जलाया था, हमने उसका गौरव लौटाया।कुंडों को साफ कराया हमने
सारनाथ में पर्यटकों ने लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था की गयी, बुद्धा थीम पार्क, सारंगनाथ, गुरधाम, मार्कण्डेय महादेव का सौंदर्यीकरण, भैरव कुंड, लक्ष्मी कुंड, दुर्गा कुंड और सारंग कुंड की साफ सफाई हो चुकी है।
दुनिया के नेता कर रहे काशी की तारीफ
प्रधानमंत्री ने वाराणसी की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा, ”आप ने दुनिया के शीर्ष नेताओं का अद्भुत स्वागत किया है। सभी नेताओं ने काशी के आथित्य को पूरी दुनिया में घूम घूमकर सराहा है।
जापान के प्रधानमंत्री ने तो आपके आतिथ्यभाव से गदगद होकर बनारस को कन्वेंशन सेंटर का तोहफा दिया है।”
अगले साल दिखना चाहिए बनारस का रंग
प्रधानमंत्री ने अगले वर्ष होने जा रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर भी काशी वासियों से अपील की। उन्होंने कहा, ”अगले वर्ष की शुरुआत में ही दुनिया भर की नज़रे काशी पर टिकी होंगी। भारत वंशियों का कुम्भ यहाँ काशी में लगने वाला है। सरकार अपने स्तर पर कार्य कर रही है, पर आप का भी सहयोग चाहिए। एक एक काशीवासी को आगे आना होगा, काशी की गली-गली, नुक्कड़ चौराहे पर बनारस के रस और बनारस के रंग व यहां की सांस्कृतिक विरासत नज़र आनी चाहिए। साफ़ सफाई के साथ आतिथ्य की ऐसी मिसाल पेश करनी है कि हमारे प्रवासी महसूस कर सकें। वे यहां से ऐसा अनुभव लेकर जाएं कि वो खुद ब खुद पूरी दुनिया में काशी के टूरिज़्म अम्बेस्डर बन जाएं।”
इलाज के लिये बड़े शहर जाने की जरूरत नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी एक हेल्थ हब के रूप में बनने लगा है। यहां के अस्पताल आने वाले दिनों में पूर्वी भारत का मेडिकल सेंटर बनने जा रहा है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, बनारस में बन रहे कैंस हॉस्पीटल, सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। हाल ही में बीएचयू ने एम्स के साथ बड़ा समझौता किया है। आज क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का शिलान्यास किया गया है। वर्षों पहले लाल बहादुर शास्त्री ने यहाँ नेत्र विभाग का उद्घाटन हुआ। इसको रीजनल करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ। जब यह योजनाएं काम करने लगेगी तब करोड़ों लोगों को लाभ मिलने लगेगा। आँखों की गंभीर इलाज के लिए बड़े बड़े शहरों में नहीं जाना होगा। मोतियाबिंद और गंभीर इलाज में पर खर्च भी बहुत कम हो जाएगा। अब यहां उच्च स्तर के डॉक्टर तैयार करेगा और रिसर्च में गुणवत्ता भी करेगा। पांडेयपुर में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल बन रहा है। निजी संस्थाओं को अस्पताल खोलने के लिए प्रेरित क्या जा रहा है। योगी सरकार में विकास कार्यों में बड़े अभूतपूर्व तेज़ी आयी है।
मालवीय जी का सपना पूरा कर रहे
मालवीय जी का सपना था कि प्राचीन शिक्षा के साथ आधुनिकता का समवेश उसी के लिए इंक्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। 80 करोड़ युवाओं के देश भारत में इससे कदम ताल मिलते हुए यह शुरुआत बीएचयू में हुई है। यहां 70 आवेदन अभी ही आ चुके हैं और 20 स्टार्टअप यहाँ जुड़ चुके हैं।
पाइप से पहुंचा रहे एलपीजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी के हर वर्ग के जीवन स्तर को उठाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। यहां के घरों में पाइप लाइन के जरिये कुकिंग गैस पहुंचाई जा रही है। आठ हजार घरों में पाइप से गैस जा रही है, आने वाले समय में 40 हजार घरों तक इसका लक्ष्य रखा गया है।
तो मेरी खुशी दोगुनी हो जाती है
प्रधानमंत्री ने इस बात की खुशी व्यक्त की कि जब लोग वाराणसी रेलवे स्टेशन की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर मुझे टैग करते हैं तो मेरी प्रसन्नता दो गुनी हो जाती है।बनारसियों से किया आह्वान
प्रधानमंत्री ने काशी की जनता से नये भारत के निर्माण के लिये आगे आने को कहा। उन्होंने आह्वान किया कि आइये हम नयी काशी और नए भारत का निर्माण करने में सहभागी बनें।
मेरे हाईकमान आप हैं
पीएम ने अपने उद्बोधन के आखिरी में बनारस की जनता से कहा कि आप ही मेरे मालिक हैं, आप मेरे हाईकमान हैं, इसलिए पाई-पाई का हिसाब देना और पल-पल का हिसाब देना मेरा दायित्व है।

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