वाराणसी पुलिस कर रही इस पीपल के पेड़ की सुरक्षा, लोग कह रहे ये साक्षात ‘योगी जी’ हैं
बनारस।
पुलिस डिपार्टमेंट के साथ अजीबो-गरीब वाकये होते ही रहते हैं। कभी उन्हें
मंत्री जी की भैंस की सुरक्षा करनी पड़ती है तो कभी मुर्दों को कब्र से
बाहर निकलवाना पड़ता है। चोर, डकैत, छिनैत, रेपिस्ट, लुटेरे, रंगबाजों को
पकड़ने का ठेका तो पहले से ही पुलिस महकमे के पास है मगर इन दिनों वाराणसी
पुलिस के कंधों पर एक और जिम्मेदारी आन पड़ी है।
ये जिम्मेदारी है एक पीपल के पेड़ की सुरक्षा की। चौंकिये मत… क्योंकि वाराणसी पुलिस के चार सिपाही दिन रात की ड्यूटी पर लगकर एक पीपल के पेड़ की सुरक्षा में तैनात किये गये हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इस पौधे की सुरक्षा के लिये प्रशासन की ओर से बकायदा सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया गया है। वहीं क्षेत्रीय जनता में एक पक्ष का कहना है कि ये पीपल का पेड़ कोई और नहीं बल्कि साक्षात योगी जी ही हैं।
वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित हाजी कटरा के पास एक पुराना पीपल का पेड़ था। उम्र यही कोई डेढ़ से दो सौ साल रही होगी। पुराना पेड़ अपनी उम्र पूरी करने के बाद गिर गया। इसकी जगह नया पौधा क्षेत्रीय भाजपा विधायक रविन्द्र जायसवाल की ओर से लगाया गया। मगर इसी बीच दो सम्प्रदायों के बीच इस नये लगे पौधे की स्थिति को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद कैंट थाने की पुलिस पौधे को वहां से उखड़वाकर थाने ले आयी।
ऊपर से आया दबाव, दुबारा रोपा गया पौधा
मगर बाद में ऊपर से दबाव आया और थाने में आराम फरमा रहे पौधे को लाकर दुबारा से उसी स्थान पर रोप दिया गया। सिर्फ इतना ही नहीं पौधे को कोई नुकसान ना पहुंचा दे इस आशंका को खत्म करने के लिये यहां दो शिफ्ट में दो-दो कांस्टेबल यानि कुल चार कांस्टेबल की ड्यूटी भी लगा दी गयी, जोकि पिछले 15 दिनों से इस पौधे की सुरक्षा में तैनात हैं।
पहली बार कर रहे पेड़ की सुरक्षा
पीपल के पौधे की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल प्रदीप कुमार चौहान और कांस्टेबल राम प्रसाद यादव से हमने जब पूछा कि क्या आपने इससे पहले किसी पेड़-पौधे की सुरक्षा में तैनात रहे हैं। इसपर दोनों पुलिसकर्मियों ने बताया कि ये पहला मौका है जब वे इस प्रकार की ड्यूटी में तैनाती हुई है। दोनों पुलिसकर्मियों ने इस बात को भी स्वीकार किया मामला चूंकि दो सम्प्रदायों के बीच के तनाव का है इसलिये उन्हें ये रखा गया। पुलिसकर्मियों के अनुसार दिनभर उनकी चौकस निगाहें पौधे की सुरक्षा पर टिकी हुई है, क्योंकि त्यौहार का माहौल चल रहा है, ऐसे में कोई बड़ी परेशानी ना खड़ी हो जाए।
पौधा बड़ा हो जाये तबतक होगी सुरक्षा
इस संबंध में जब हमने सिकरौल वार्ड 15 के पार्षद दिनेश कुमार यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि यहां काफी पुराना पेड़ था जो दो-तीन साल पहले गिर गया था। इसी स्थान पर बाद में हमने पीपल का पौधा लगवाया लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पौधे को उखाड़ दिया, मगर हमने फिर यहां पौधा लगाया। बात थाने पर पहुंची और पुलिस ने यहां से पौधे को उखड़वा लिया, जिसपर हमने डीएम के यहां गुहार लगायी। जांच में पाया गया कि यहां एक पेड़ पहले था, इसलिये दुबारा से यहां पीपल का पौधा लगवाया गया है। पौधा थोड़ा बड़ा हो जाये तबतक हमने सुरक्षा के लिये पुलिसकर्मियों की मांग की थी, जिसे प्रशासन की ओर से मुहैया कराया गया है। इस बारे में क्षेत्रीय नागरिक सुधीर चंद्र गुप्ता ने भी यही बात दोहरायी। सुधीर चंद्र गुप्ता के अनुसार कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, मगर अब यहां शांति है।
”ये पेड़ नहीं योगी जी हैं”
वहीं क्षेत्रीय नागरिक जमील अहमद ने कहा कि पेड़ लगाने को लेकर कोई मसला नहीं है। जमील अहमद के अनुसार ये पेड़ खुद योगी जी हैं, यहां विधायक जी मतलब कुछ नहीं है। चूंकि ये साक्षात योगी जी हैं इसलिये इनकी सुरक्षा पुलिसवाले कर रहे हैं। जमील अहमद के अनुसार पेड़ को किसी ने नहीं उखाड़ा है, सिर्फ विवाद इतना ही था कि हम लोग चाहते थे कि ये पेड़ थोड़ा इधर-उधर लग जाये मगर दूसरा पक्ष ये चाहता था कि पेड़ यहीं लगे। पेड़ को लेकर ईगो बनाया गया है।
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ये जिम्मेदारी है एक पीपल के पेड़ की सुरक्षा की। चौंकिये मत… क्योंकि वाराणसी पुलिस के चार सिपाही दिन रात की ड्यूटी पर लगकर एक पीपल के पेड़ की सुरक्षा में तैनात किये गये हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इस पौधे की सुरक्षा के लिये प्रशासन की ओर से बकायदा सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया गया है। वहीं क्षेत्रीय जनता में एक पक्ष का कहना है कि ये पीपल का पेड़ कोई और नहीं बल्कि साक्षात योगी जी ही हैं।
आइये अब जरा माजरा समझते हैं।
दरअसल… वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित हाजी कटरा के पास एक पुराना पीपल का पेड़ था। उम्र यही कोई डेढ़ से दो सौ साल रही होगी। पुराना पेड़ अपनी उम्र पूरी करने के बाद गिर गया। इसकी जगह नया पौधा क्षेत्रीय भाजपा विधायक रविन्द्र जायसवाल की ओर से लगाया गया। मगर इसी बीच दो सम्प्रदायों के बीच इस नये लगे पौधे की स्थिति को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद कैंट थाने की पुलिस पौधे को वहां से उखड़वाकर थाने ले आयी।
ऊपर से आया दबाव, दुबारा रोपा गया पौधा
मगर बाद में ऊपर से दबाव आया और थाने में आराम फरमा रहे पौधे को लाकर दुबारा से उसी स्थान पर रोप दिया गया। सिर्फ इतना ही नहीं पौधे को कोई नुकसान ना पहुंचा दे इस आशंका को खत्म करने के लिये यहां दो शिफ्ट में दो-दो कांस्टेबल यानि कुल चार कांस्टेबल की ड्यूटी भी लगा दी गयी, जोकि पिछले 15 दिनों से इस पौधे की सुरक्षा में तैनात हैं।
पहली बार कर रहे पेड़ की सुरक्षा
पीपल के पौधे की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल प्रदीप कुमार चौहान और कांस्टेबल राम प्रसाद यादव से हमने जब पूछा कि क्या आपने इससे पहले किसी पेड़-पौधे की सुरक्षा में तैनात रहे हैं। इसपर दोनों पुलिसकर्मियों ने बताया कि ये पहला मौका है जब वे इस प्रकार की ड्यूटी में तैनाती हुई है। दोनों पुलिसकर्मियों ने इस बात को भी स्वीकार किया मामला चूंकि दो सम्प्रदायों के बीच के तनाव का है इसलिये उन्हें ये रखा गया। पुलिसकर्मियों के अनुसार दिनभर उनकी चौकस निगाहें पौधे की सुरक्षा पर टिकी हुई है, क्योंकि त्यौहार का माहौल चल रहा है, ऐसे में कोई बड़ी परेशानी ना खड़ी हो जाए।
पौधा बड़ा हो जाये तबतक होगी सुरक्षा
इस संबंध में जब हमने सिकरौल वार्ड 15 के पार्षद दिनेश कुमार यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि यहां काफी पुराना पेड़ था जो दो-तीन साल पहले गिर गया था। इसी स्थान पर बाद में हमने पीपल का पौधा लगवाया लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पौधे को उखाड़ दिया, मगर हमने फिर यहां पौधा लगाया। बात थाने पर पहुंची और पुलिस ने यहां से पौधे को उखड़वा लिया, जिसपर हमने डीएम के यहां गुहार लगायी। जांच में पाया गया कि यहां एक पेड़ पहले था, इसलिये दुबारा से यहां पीपल का पौधा लगवाया गया है। पौधा थोड़ा बड़ा हो जाये तबतक हमने सुरक्षा के लिये पुलिसकर्मियों की मांग की थी, जिसे प्रशासन की ओर से मुहैया कराया गया है। इस बारे में क्षेत्रीय नागरिक सुधीर चंद्र गुप्ता ने भी यही बात दोहरायी। सुधीर चंद्र गुप्ता के अनुसार कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, मगर अब यहां शांति है।
”ये पेड़ नहीं योगी जी हैं”
वहीं क्षेत्रीय नागरिक जमील अहमद ने कहा कि पेड़ लगाने को लेकर कोई मसला नहीं है। जमील अहमद के अनुसार ये पेड़ खुद योगी जी हैं, यहां विधायक जी मतलब कुछ नहीं है। चूंकि ये साक्षात योगी जी हैं इसलिये इनकी सुरक्षा पुलिसवाले कर रहे हैं। जमील अहमद के अनुसार पेड़ को किसी ने नहीं उखाड़ा है, सिर्फ विवाद इतना ही था कि हम लोग चाहते थे कि ये पेड़ थोड़ा इधर-उधर लग जाये मगर दूसरा पक्ष ये चाहता था कि पेड़ यहीं लगे। पेड़ को लेकर ईगो बनाया गया है।
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