DM और सीओ सदर के खिलाफ लहुराबीर में धरने पर बैठे पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के नेता
बनारस। पृथक पूर्वांचल राज्य के लिए संघर्ष कर रहे ‘पूर्वांचल राज्य
जनांदोलन’ के कार्यकर्ताओं ने अब वाराणसी के जिलाधिकारी और पुलिस सीओ सदर
के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेताओं का आरोप है कि जिलाधिकारी और उक्त
पुलिस अधिकारी उनके प्रति दमनात्मक रवैया अपना रहे हैं।
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ताओं ने जहां डीएम वाराणसी के तबादले की मांग उठायी है वहीं पुलिस सीओ सदर के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने लहुराबीर स्थित पार्क में धरना प्रदर्शन कर वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
धरना के सम्बन्ध में पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन के संयोजक अनुज राही हिंदुस्तानी ने बताया कि पिछले 16 दिन से हम लोग यहां पर धरनारत हैं, जो अब अनिश्चितकालीन अनशन में बदल रहा है।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में जाने से रोकने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन के निर्देश पर सीओ सदर की टीम ने कार्यकर्ताओं को उठा लिया और थाने पर उन्हें देर रात तक प्रताड़ित किया गया। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं और कानून के मुताबिक शाम 6:00 बजे के बाद किसी भी महिला को हिरासत में नही लिया जा सकता। जबकि, महिलाओं को रात्रि साढ़े आठ बजे तक थाने में बिठाये रखा गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गोपनीयता के अधिकार का हनन करते हुए महिला नेताओं के मोबाइल फ़ोन को छह दिनों तक जप्त करके रखा था।
धरनारत
नेता-कार्यकर्ताओं ने बताया कि हमपर कई दंडात्मक करवाई हुई, जिसको लेकर
हमने 14 मार्च को सीएम योगी को पत्र लिखा और बाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार
आयोग में भी शिकायत की है। कार्यकर्ताओं के अनुसार जबतक वाराणसी के
जिलाधिकारी का स्थानांतरण और सीओ सदर का निलम्बन नहीं हो जाता, उनका अनशन
जारी रहेगा।
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ताओं ने जहां डीएम वाराणसी के तबादले की मांग उठायी है वहीं पुलिस सीओ सदर के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने लहुराबीर स्थित पार्क में धरना प्रदर्शन कर वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
धरना के सम्बन्ध में पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन के संयोजक अनुज राही हिंदुस्तानी ने बताया कि पिछले 16 दिन से हम लोग यहां पर धरनारत हैं, जो अब अनिश्चितकालीन अनशन में बदल रहा है।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में जाने से रोकने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन के निर्देश पर सीओ सदर की टीम ने कार्यकर्ताओं को उठा लिया और थाने पर उन्हें देर रात तक प्रताड़ित किया गया। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं और कानून के मुताबिक शाम 6:00 बजे के बाद किसी भी महिला को हिरासत में नही लिया जा सकता। जबकि, महिलाओं को रात्रि साढ़े आठ बजे तक थाने में बिठाये रखा गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गोपनीयता के अधिकार का हनन करते हुए महिला नेताओं के मोबाइल फ़ोन को छह दिनों तक जप्त करके रखा था।


No comments